बिलासपुर CBN36।छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा में भगवान श्रीराम को प्रदेश का “भांचा” माना जाता है। इसी सांस्कृतिक आस्था के प्रतीक स्वरूप 25 से 27 जुलाई तक बिलासपुर में तीन दिवसीय ‘श्रीराम श्रद्धा यात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से श्रद्धा स्वरूप नारियल एकत्र किए जाएंगे, जिन्हें बाद में अयोध्या धाम ले जाकर रामलला के श्रीचरणों में समर्पित किया जाएगा।
यात्रा की जानकारी देते हुए बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने बताया कि हाल में अयोध्या धाम स्थित रामलला के दरबार से जुड़ी चोरी की घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी भावना के सम्मान में छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने “भांचा” श्रीराम के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण व्यक्त करने के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यात्रा का शुभारंभ 25 जुलाई को दोपहर 12 बजे तिलक नगर स्थित देवकीनंदन चौक के श्रीहनुमान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और श्रीराम वंदना के साथ होगा। यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालु घर-घर जाकर पीले चावल (अक्षत) और सुपारी भेंट कर लोगों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण देंगे। मंगला क्षेत्र से आने वाला श्रद्धालुओं का विशेष जत्था भी यात्रा में शामिल होगा।
विजय केशरवानी ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक, शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगी। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करना है। उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रत्येक दिन पदयात्रा के समापन पर भगवान श्रीराम को भोग अर्पित किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन होगा।
उन्होंने रामभक्तों, मातृशक्ति, युवाओं और सर्वसमाज से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने तथा श्रद्धा का एक नारियल अर्पित कर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
तीन दिन का यात्रा मार्ग
25 जुलाई: श्रीहनुमान मंदिर (देवकीनंदन चौक, तिलक नगर) से राम सेतु पुल, हुंडई चौक, मुक्ति धाम, मार्क हॉस्पिटल, चंटीडीह किसान पारा, चिंगराजपारा, लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर होते हुए मोपका तक।
26 जुलाई: मोपका से बिजौर, बहतराई, खमतराई होते हुए अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर तक।
27 जुलाई: कोनी, बिरकोना, बैमा, महामाया मंदिर होते हुए नगोई स्थित वैष्णो देवी मंदिर में यात्रा का समापन होगा।
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