बिलासपुर CBN36 । शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कोनी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से अत्याधुनिक ब्लड सेंटर संचालन की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही अस्पताल जल्द ही मरीजों को सिंगल डोनर प्लेटलेट (एसडीपी) उपलब्ध कराने वाला छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ब्लड सेंटर का निर्माण एनटीपीसी सीपत ने अपनी सीएसआर निधि से कराया है। आधुनिक उपकरणों और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार यह केंद्र प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे उन्नत ब्लड सेंटर माना जा रहा है। इसकी स्थापना और विकास अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में किया गया है, जिन्हें ब्लड बैंक सेवाओं का 25 वर्षों का अनुभव है।
अस्पताल में शुरू होने वाली एसडीपी सुविधा डेंगू, कैंसर, बोन मैरो प्रत्यारोपण, थैलेसीमिया तथा अन्य गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद उपयोगी होगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटलेट्स मिल सकेंगी और निजी अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लड सेंटर का उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध कराने के साथ मरीजों को विश्वस्तरीय ट्रांसफ्यूजन सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीपी सुविधा की शुरुआत राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन तथा एनटीपीसी सीपत का आभार जताया है। प्रशासन का कहना है कि यह ब्लड सेंटर बिलासपुर संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा।
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