रायपुर, 19 मार्च 2026। राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इस संशोधन के तहत अब छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का नाम बदलकर छत्तीसगढ़ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य मंडल को एक आधुनिक, बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करना है, ताकि राज्य में आवास और शहरी विकास को गति मिल सके।
सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 के तहत हुआ था। राज्य गठन के बाद से यह संस्था प्रदेश में किफायती आवास, नगरीय अधोसंरचना और आवासीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं प्रारंभ की हैं। राज्य शासन द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के अंतर्गत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्री ने आगे बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है।
वर्तमान में मंडल राज्य के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें मंडल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधेयक पारित होने पर कहा कि यह निर्णय राज्य में आवास और अधोसंरचना विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मंडल का दायरा बढ़ाकर इसे एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे शहरीकरण को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती आवास उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र के साथ योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले समय में एक सशक्त और विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।
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