
“सीएमडी हरीश दुहन ने कहा गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि विद्युत संयंत्रों को समय पर कोयला उपलब्ध कराया जा सके”

बिलासपुर, 19 मार्च 2026।साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन, ऑफटेक और ओवरबर्डन रिमूवल ओबीआर के तीनों प्रमुख मानकों में वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने 18 मार्च 2026 को ही पिछले वित्त वर्ष के कुल कोयला उत्पादन के आंकड़े को पार कर लिया।
कंपनी का कुल उत्पादन 167.7 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि में मेगाप्रोजेक्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मेगाप्रोजेक्ट्स में गेवरा परियोजना ने 51.7 एमटी, दीपका ने 36.5 एमटी और कुसमुंडा परियोजना ने 30.7 एमटी उत्पादन किया। इसके अलावा सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स से 25.6 एमटी, रायगढ़ क्षेत्र से 15.8 एमटी और कोरबा क्षेत्र से 7.2 एमटी उत्पादन दर्ज किया गया।
ओवरबर्डन रिमूवल ओबीआर के क्षेत्र में भी कंपनी ने 350 मिलियन क्यूबिक मीटर का स्तर हासिल किया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। इससे आगामी समय में कोयला उत्पादन को और गति मिलने की संभावना है।
ऑफटेक के मोर्चे पर भी एसईसीएल ने प्रगति करते हुए 17 मार्च 2026 तक 171.3 मिलियन टन का आंकड़ा हासिल किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 4.5 प्रतिशत अधिक है।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में संचालित एसईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी है और देश की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। राष्ट्रीय उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है।
गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि विद्युत संयंत्रों को समय पर कोयला उपलब्ध कराया जा सके।
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