रायपुर, 13 मार्च। कोटा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधानसभा में प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण के माध्यम से क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने मंडी निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवनों के निर्माण में देरी, अवैध रेत खनन तथा रतनपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में अनियमितताओं का मामला सदन में उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
विधायक श्रीवास्तव ने मंडी निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवनों के निर्माण में विलंब का मुद्दा उठाते हुए कृषि मंत्री से पूछा कि कोटा क्षेत्र में स्वीकृत सामुदायिक भवनों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति कब जारी हुई और उनके टेंडर कब निकाले गए। इस पर कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि ग्राम कुसमुली, अमने, लिटिया, धुमा, बिल्लीबंद और परसापानी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 फरवरी 2026 को टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
इस पर विधायक श्रीवास्तव ने कहा कि कार्य स्वीकृति और तकनीकी तथा प्रशासकीय अनुमति मिलने के बाद भी लगभग एक वर्ष तक टेंडर जारी नहीं किए गए, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि हर काम में इसी तरह देरी होगी तो विकास कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे।
विधायक श्रीवास्तव ने कोटा विधानसभा क्षेत्र के वन क्षेत्रों और पेसा ग्रामों में अवैध रेत खनन का मामला भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि आमागोहन, खोड़री, खोंगसरा, करहीकछार, कोनचरा, जरगा, पकरिया, पीपरखुंटी, केंवची और ठाड़पथरा सहित कई गांवों में रेत माफिया बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत का उत्खनन कर मध्यप्रदेश के बोंदर, करंजिया, अमरकंटक, डिंडौरी और गाढ़ासरई क्षेत्रों में आपूर्ति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में राजस्व, वन और खनिज विभाग के अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। अवैध खनन से जहां वन क्षेत्रों और पेसा गांवों के खनिज संसाधनों का दोहन हो रहा है, वहीं शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है। ग्रामीणों ने एक विभागीय कर्मचारी पर रेत और मिट्टी माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में रोष व्याप्त है।
इसके अलावा विधायक श्रीवास्तव ने रतनपुर–केंवची–जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी द्वारा जंगल, तालाब और पहाड़ियों से अवैध रूप से मिट्टी और अन्य सामग्री निकालकर निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में अव्यवस्था और अवैध खुदाई से क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हैं। विरोध करने पर ठेकेदार और उसके कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार और धमकाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।विधायक श्रीवास्तव ने इन सभी मामलों में सरकार से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।उक्त जानकारी प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने दी ।
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