24 महिलाएं शामिल, 1.61 करोड़ रुपये का था इनाम,अब तक 2400 से अधिक माओवादी कैडर संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटे

बस्तर रेंज के आईजी आईपीएस सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति विश्वास एवं विकास के वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के अंतर्गत यह घटनाक्रम शासन की पुनर्वास नीति की सकारात्मक प्रगति
ओ सुकमा-बीजापुर 7 फरवरी।भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर दक्षिण बस्तर क्षेत्र में शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। जिला सुकमा के 21 तथा जिला बीजापुर के 30 माओवादी कैडरों सहित कुल 51 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने AK-47, SLR, INSAS राइफल एवं BGL लॉन्चर सहित कुल 14 हथियार तथा गोला-बारूद शासन को सौंपे। उल्लेखनीय है कि आत्मसमर्पण करने वाले कुल कैडरों में 24 महिला माओवादी शामिल हैं, जो पूर्व में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में सक्रिय थीं। इन सभी कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज आईपीएस सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति विश्वास एवं विकास के वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के अंतर्गत यह घटनाक्रम शासन की पुनर्वास नीति की सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है।
पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा किरण चव्हाण ने बताया कि सुकमा जिले में कुल 21 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 14 महिला कैडर शामिल हैं। इन पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित कैडरों में DVCM, ACM एवं पार्टी सदस्य रैंक के सक्रिय माओवादी शामिल हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक जिला बीजापुर डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि बीजापुर जिले में 20 महिला एवं 10 पुरुष माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इन कैडरों पर उनके संगठनात्मक पद के अनुसार कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों ने सशस्त्र हिंसा से स्वयं को अलग करते हुए शांति एवं विकास के मार्ग को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पुलिस के अनुसार बस्तर रेंज में बीते 24 महीनों के दौरान 2400 से अधिक माओवादी कैडर संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों एवं विकासात्मक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
आत्मसमर्पण के अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र यादव डीआईजी सीआरपीएफ सुकमा आनंद सिंह डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर बी.एस. नेगी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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