वर्धा, 26 जनवरी 2026।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। वाचस्पति भवन प्रांगण में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि अमृतकाल के गणतंत्र में भारत परिवर्तन की राह पर अग्रसर है। हमारी आँखों में उन्नत भारत और उज्ज्वल भविष्य का सपना है, जिसे साकार करने का संकल्प हमें लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस स्वाभिमान, सम्मान, पराक्रम और देश की विकास यात्रा का उत्सव है।
स्वाधीनता संग्राम के शहीदों को नमन करते हुए कुलपति ने कहा कि यह दिन भारत के निर्माताओं को स्मरण करने का अवसर है। गणतंत्र ने देश को न्याय और समता पर आधारित लोकतांत्रिक व्यवस्था दी, जिसने नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन, अधिकारों के साथ कर्तव्यों की आचार संहिता भी प्रदान की। आज़ादी के संघर्ष में योगदान देने वाले समाज सुधारकों, साधु-संतों, कलाकारों और रचनाकारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके चिंतन और संघर्ष से ही सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों की नींव पड़ी।

विकसित भारत-2047 के संदर्भ में कुलपति ने कहा कि वर्तमान नेतृत्व द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को कटिबद्ध होना होगा। देश में सामाजिक-आर्थिक सरोकारों से जुड़ी अनेक योजनाएँ संचालित हो रही हैं, जो भारत को प्रगति के पथ पर आगे ले जा रही हैं।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम्’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गीत की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। यह मंत्र स्वाधीनता आंदोलन के दौरान राष्ट्रचेतना का प्रतीक बना। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में रचित यह गीत असंख्य देशभक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत रहा। उन्होंने बंकिमचंद्र चटर्जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
देश की युवा शक्ति पर विश्वास जताते हुए कुलपति ने कहा कि भारत आज युवाओं से ओतप्रोत है। तकनीक का क्षेत्र केवल उपभोग तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार का निर्माता बन रहा है, जिसमें युवाओं की अहम भूमिका है। दावोस सम्मेलन में भारत की चर्चा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत टकराव नहीं, बल्कि सहयोग और संतुलन की भाषा बोलते हुए ग्लोबल साउथ की सशक्त आवाज़ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता और कौशल को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया।
ध्वजारोहण अवसर पर मंच पर कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार वित्ताधिकारी पी. सरदार सिंह अधिष्ठाता प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल प्रो. अवधेश कुमार प्रो. प्रीति सागर प्रो. फरहद मलिक प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर प्रो. जनार्दन कुमार तिवारी एवं आवासीय लेखक डॉ. क्षमा कौल उपस्थित रहे।
समारोह के प्रारंभ में कुलपति ने महात्मा गांधी एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। ध्वजारोहण के दौरान सुरक्षा कर्मियों के बैंड दल ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के विद्यार्थियों ने परेड की। सीनियर अंडर ऑफिसर कमांडर हर्ष गुप्ता ने एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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