बिलासपुर। भाई की मौत के बाद उसकी पत्नी को वैधानिक अधिकार से वंचित करने के लिए जेठ और ननद द्वारा जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेज और झूठे शपथपत्र के जरिए मृतक को अविवाहित और निःसंतान बताकर नामांतरण कराने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने जेठ और ननद समेत चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांजगीर जिले में रहने वाली सोनम राठौर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 12 मई 2018 को ग्राम सपिया निवासी जगन्नाथ प्रसाद राठौर के मंझले पुत्र हरि सिंह राठौर से सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद वह पति के साथ संयुक्त परिवार में रह रही थी। पीड़िता के अनुसार, उसके पति हरि सिंह राठौर की 17 अक्टूबर 2024 को बीमारी के कारण मौत हो गई। मृत्यु कार्यक्रम के बाद वह मायके में रहने लगी। इसी दौरान जब उसने ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड के माध्यम से जमीन से संबंधित जानकारी ली, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। रिकॉर्ड में उसके पति के नाम पर कोई भूमि दर्ज नहीं पाई गई, जबकि वास्तविकता यह थी कि बिलासपुर के तेलीपारा क्षेत्र में स्थित भूमि हरि सिंह राठौर के नाम सहित उसके भाई-बहनों के संयुक्त नाम पर दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पति की मौत के बाद जेठ रामसिंह राठौर, उसकी पत्नी किरण राठौर, ननद नीलम सिंह राठौर और रामेश्वरी राठौर ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए फर्जी शपथपत्र और दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में मृतक हरि सिंह राठौर को अविवाहित एवं निःसंतान दर्शाया गया और फौती नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराकर उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड से विलोपित करा दिया गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर तथ्य छिपाए और धोखाधड़ी की नीयत से उसे उसके वैधानिक अधिकार से वंचित किया। मामले की प्राथमिक जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण की विवेचना की जा रही है। राजस्व अभिलेखों और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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