बिलासपुर। तोरवा थाना क्षेत्र के हेमूनगर में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे एक राजमिस्त्री की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का अपराध दर्ज कर लिया है।

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी बलदेव सूर्यवंशी (48) राजमिस्त्री था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। जानकारी के अनुसार बलदेव 18 जनवरी की सुबह काम के सिलसिले में बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र अंतर्गत हेमूनगर स्थित शिव चौक के पास सुशांत दास के निर्माणाधीन मकान में पहुंचा था। यहां ठेकेदार विनय प्रमाणिक के माध्यम से मकान का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। बताया गया कि ठेकेदार के निर्देश पर बलदेव सूर्यवंशी दीवार पर प्लास्टर करने का काम कर रहा था। इसी दौरान उसके हाथ में पकड़ा गया रमदा पास से गुजर रही बिजली की खुली लाइन से टकरा गया। अचानक करंट फैलने से बलदेव उसकी चपेट में आ गया और वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, शरीर के अधिक हिस्से झुलस जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर तोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम रिपोर्ट में करंट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने ठेकेदार विनय प्रमाणिक के खिलाफ लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच और श्रमिकों के बयान से पता चला कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खुले बिजली तार के पास बिना सुरक्षा उपायों के काम कराया जा रहा था, जो घातक साबित हुआ। मामले की विवेचना जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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