एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा लंबे समय पुराने वीडियो को वर्तमान कार्रवाई से जोड़कर प्रस्तुत करने से पुलिस की सख्ती को लेकर गलत संदेश जा सकता है, जबकि पुलिस लगातार कानून व्यवस्था को लेकर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
बिलासपुर छत्तीसगढ़ ।सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। संज्ञान में आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि वायरल वीडियो करीब डेढ़ से दो वर्ष पुराना है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संबंधित वीडियो हाल की किसी घटना से जुड़ा नहीं है। ऐसे में पुराने वीडियो को वर्तमान की घटना बताकर प्रसारित करना भ्रामक हो सकता है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि किसी भी वीडियो अथवा सूचना को समाचार के रूप में प्रकाशित करने से पहले उसकी जांच-पड़ताल और प्रासंगिकता अवश्य सुनिश्चित की जाए।
एसएसपी सिंह ने कहा कि लंबे समय पुराने वीडियो को वर्तमान कार्रवाई से जोड़कर प्रस्तुत करने से पुलिस द्वारा हाल के समय में की जा रही सख्त कार्रवाई का प्रभाव कम दिख सकता है, जबकि वास्तविकता यह है कि पुलिस लगातार कानून व्यवस्था को लेकर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई कर रही है, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिला है।
एएसपी से बताया कि उक्त वीडियो में दिख रहे वाहन CG 10 Y 9723, XUV 500 का वाहन स्वामी का नाम राजेश अग्रवाल है जो टिकरापारा निवासी है।इसी तरह एक अन्य वाहन CG 10 9798 अभिजीत सिंह, पिता एस.पी. सिंह निवासी 27 खोली, मंगला के नाम पर पंजीकृत था। एएसपी के मुताबिक यह वाहन बाद में बिक चुका है।
घटना के संबंध में जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक घटना स्थल 27 खोली क्षेत्र का बताया गया है और यह मामला करीब डेढ़ वर्ष से अधिक पुराना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुराने मामलों को लेकर यदि कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसकी विधिसम्मत जांच की जाएगी, लेकिन बिना सत्यापन पुराने वीडियो को वर्तमान घटनाक्रम से जोड़ना उचित नहीं है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने अपील की है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में जिम्मेदारीपूर्वक, तथ्यात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग की जाए, ताकि समाज में भ्रम न फैले और कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे।
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