एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कानून-व्यवस्था केवल पुलिस के भरोसे नहीं चल सकती। जनभागीदारी से ही इसे मजबूत बनाया जा सकता है। कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ा है, जिसका सीधा लाभ अपराध नियंत्रण में मिला है।

बिलासपुर जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पुलिस और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। वर्ष 2025 में चलाए गए जनजागरूकता अभियानों से यह स्पष्ट हुआ है कि जब पुलिस और समाज साथ मिलकर काम करते हैं, तो अपराध नियंत्रण अधिक प्रभावी होता है।
पुलिस ने साइबर अपराध, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर गांव-शहर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों को अपराध से बचाव, कानूनी प्रावधानों और पुलिस सहायता के तरीकों की जानकारी दी गई।
‘चेतना’ जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से जोड़ा गया। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी गई। इससे कई लोगों ने समय रहते सतर्कता बरती और अपराध का शिकार होने से बचे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कम्युनिटी पुलिसिंग से सूचनाओं का प्रवाह बेहतर हुआ है। मोहल्लों और गांवों से समय पर मिली सूचनाओं के आधार पर कई अपराधों को रोका गया या त्वरित कार्रवाई संभव हुई। इससे पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत हुआ।
जनसंवाद, रैलियों, बैठकों और स्कूल-कॉलेज कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझी जिम्मेदारी है।इन प्रयासों से जिले में सकारात्मक माहौल बना है और पुलिस की कार्यप्रणाली को जनसमर्थन मिला है।
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