एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा गुमशुदा लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाना पुलिस की मानवीय जिम्मेदारी है। ऑपरेशन मुस्कान और तलाश के माध्यम से कई परिवारों की चिंता दूर हुई है, यही पुलिसिंग का सबसे सकारात्मक पक्ष है।
कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय पुलिसिंग की मिसाल पेश करते हुए बिलासपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत उल्लेखनीय कार्य किया है। इन अभियानों के माध्यम से सैकड़ों गुमशुदा महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों से मिलाया गया।
गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, शहरी स्लम और दूर-दराज के क्षेत्रों में सघन खोज अभियान चलाया गया। तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया और अन्य जिलों की पुलिस के साथ समन्वय कर गुमशुदाओं का पता लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में गुमशुदा बच्चे और महिलाएं अन्य राज्यों में मिले, जिन्हें सुरक्षित वापस लाया गया। इस दौरान उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। परिजनों से मिलते समय उनकी आंखों में खुशी और राहत साफ झलकती थी।

ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य केवल खोज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गुमशुदगी के कारणों को समझना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना भी रहा। पुलिस ने परिजनों को जागरूक किया कि बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान रखें और किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस अभियान से पुलिस की संवेदनशील छवि सामने आई है। आमजन में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि पुलिस केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी निभा रही है। राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के चलते बिलासपुर पुलिस की सराहना भी हुई है।एसएसपी का कहना है कि मानवीय पुलिसिंग से समाज में विश्वास बढ़ता है और यही विश्वास कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सबसे बड़ा सहारा बनता है।
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