रायपुर, 12 दिसम्बर।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल ने यात्री सुरक्षा बढ़ाने, सड़क रेल समन्वय सुधारने, यात्रा समय कम करने और रेल अवसंरचना को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। मंडल की इंजीनियरिंग शाखा द्वारा किए गए इन प्रयासों का लाभ अब प्रदेश के लाखों यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को मिलने लगा है।
पाँच प्रमुख लेवल क्रॉसिंग बंद, आरयूबी निर्माण से राहत
मंडल में सड़क रेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रोड अंडर ब्रिज के निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए गए। इसके बाद दावनबोड़ (387)केसदा (393)बोरसी (DD-5) जुनवानी (DD-40) और टेकरी (413) सहित पाँच लेवल क्रॉसिंग स्थायी रूप से बंद कर दी गईं। जलसो (404) और निपानिया (378) गेट भी क्रमशः 20 और 21 दिसम्बर को बंद हो जाएंगे।भैसबोर सिलियरी तथा कुगदा गेट पर आरयूबी बॉक्स पुशिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुरूद गेट पर आरओबी गर्डर लॉन्चिंग का काम पूर्ण कर लिया गया है।इससे जहाँ यात्रियों व राहगीरों को जाम से मुक्ति मिलेगी वही सड़क दुर्घटनाओं में कमी और रेल संचालन में सुगमता होगी ।
खंडों में बढ़ी गति, यात्रा समय घटने की उम्मीद
मंडल के कई रेल खंडों में गति सीमा बढ़ाई गई है। नया रायपुर लूप लाइन नंबर 05 की गति 15 से बढ़कर 30 किमी प्रति घंटा कर दी गई है।दल्लीराजहारा–ताडोकी तथा मंदिर हसौद अभनपुर खंडों में गति बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दी गई है।आरवीएच आरएसडी खंड का दोहरीकरण भी पूरा हो चुका है।
पुलों का उन्नयन, संरचनाएँ हुईं और मजबूत

सिलियारी मांढर के बीच पुल संख्या 403 में पुराने आरसीसी गर्डर को हटाकर आधुनिक पीएससी गर्डर लगाया गया है।वहीं बिलासपुर–दाधापारा खंड के पुल संख्या 478 मिडिल और डाउन को स्टील गर्डर से ट्विन-बॉक्स संरचना में अपग्रेड किया गया है।अब सुरक्षित आवागमन रखरखाव में कमी और तेज गति से ट्रेन संचालन की सुविधा होगी ।
ट्रैक और यार्ड में व्यापक सुधार
रेल मंडल में ट्रैक रिन्यूअल ट्रेन की शुरुआत की गई है, जिससे क्षतिग्रस्त पीएससी स्लीपरों का त्वरित नवीनीकरण संभव हुआ है।मरौदा और आरएसडी यार्ड में दो महत्वपूर्ण पॉइंट लेआउट में सुधार किया गया है।अब तक 69.821 किलोमीटर सुरक्षा बाड़ का कार्य पूरा कर लिया गया है।इस कार्य के पूरा होने से ट्रैक की मजबूती में वृद्धि, परिचालन बाधाएँ कम और सुरक्षा बेहतर होगी ।
गेज रूपांतरण कार्य में तेजी
अभनपुर–राजिम खंड में गेज परिवर्तन कार्य पूर्ण कर यात्री सेवाएँ शुरू कर दी गई हैं।अभनपुर कुरूद खंड भी अंतिम चरण में पहुँच चुका है।इससे जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों का बेहतर रेल संपर्क मिलेगा वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी ।
पर्यावरण संरक्षण की पहलें भी जारी
रायपुर मंडल में जल संरक्षण के लिए 8 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इनमें भानुप्रतापपुर, बालोद, भिलाई, भिलाई नगर आदि केंद्र शामिल हैं।इससे जल संसाधनों का संरक्षण और रेलवे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेगी।
इसी तरह मंडल ने इस साल विशाल स्तर पर ट्रैक नवीनीकरण कार्य पूरे किए जिसमे 56.20 ट्रैक किमी रेल नवीनीकरण 46.53 ट्रैक किमी स्लीपर नवीनीकरण 30.42 ट्रैक किमी थ्रो-फीटिंग 128 स्विच, 258 क्रॉसिंग नवीनीकरण 48.872 ट्रैक किमी गहन स्क्रीनिंग 45 टर्नआउट की विस्तृत जांच शामिल है ।इस कार्य के पूरा होने से यात्री सुरक्षा में वृद्धि, व्यवधानों में कमी और दुर्घटनाओं की आशंका ना के बराबर होगी ।
स्टेशनों का रूप बदला, सुविधाएँ बढ़ी
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भिलाई नगर स्टेशन का विस्तृत पुनर्विकास किया गया है। नए प्लेटफॉर्म, विस्तारित प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक स्टेशन भवन, उन्नत विद्युत एवं वर्षा जल संचयन व्यवस्था तैयार की गई है।
भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज बनाया गया है।सरोना, मरौदा और भिलाई नगर स्टेशनों पर अप्रोच रोड सुधार कार्य भी पूरे हो चुके हैं।इन सभी कार्यों से रायपुर मंडल में रेलवे अवसंरचना मजबूत हुई है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध एवं सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल रहा है।
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