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March 12, 2026 12:38 pm

हाई कोर्ट ने दवा कंपनी पर किया 25 हजार रुपये का जुर्माना


बिलासपुर। सीजीएमएससी के निर्णय को चुनौती देने वाली दवा कंपनी की याचिका को हाई कोर्ट ने दोषपूर्ण और अदालत का कीमती समय बर्बाद करने के आरोप में खारिज कर दिया है। याचिका खारिज करने के साथ ही याचिकाकर्ता कंपनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माने की राशि जशपुर के दृष्टिबाधित स्कूल को देने का निर्देश चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने दिया है।

राज्य सरकार ने हेपरिन सोडियम इंजेक्शन के लैब टेस्ट में अमानक पाए जाने पर इंजेक्शन बनाने वाली दवा कंपनी को 16 जून 2025 को तीन वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। सीजीएमएससी के आदेश को चुनौती देते हुए दवा कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता दवा कंपनी ने सीजीएमएससी द्वारा तीन साल के लिए किए गए ब्लैक लिस्ट को हटाने और भविष्य में सीजीएमएससी द्वारा जारी किए जाने वाले टेंडर की प्रक्रिया में भाग लेने अनुमति देने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इसकी याचिका पहले भी खारिज हो चुकी है। दवा कंपनी ने दूसरी बार संशोधित याचिका दायर की है वह भी दोषपूर्ण है। याचिकाकर्ता दवा कंपनी ने अपनी याचिका में वही आधार रखा है जो पूर्व की याचिका में था। जिस आधार पर कोर्ट ने पहली याचिका को खारिज कर दिया था। राज्य शासन की आपत्ति को उचित मानते हुए कोर्ट ने दोषपूर्ण याचिका दायर कर अदालत का कीमती समय बर्बाद करने के आरोप में याचिकाकर्ता दवा कंपनी के खिलाफ 25 हजार का जुर्माना किया है। जुर्माने की राशि जशपुर के शासकीय दृष्टिबाधित बालक-बालिका विद्यालय को देने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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