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August 20, 2026 11:34 pm

पेट दर्द का इलाज दिल के डॉक्टर से, मरीज की मौत के बाद अब फर्जी डिग्री वाले डॉक्टर पर केस

बिलासपुर। पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती कराए गए बुजुर्ग का इलाज हृदय रोग विशेषज्ञ से कराए जाने और बाद में मौत हो जाने के मामले में परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। यह वही डॉक्टर है, जिसे हाल ही में फर्जी डिग्री के मामले में दमोह पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अब बिलासपुर में भी उसके खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज किया है।

तोरवा निवासी व्यवसायी सुरेश टुटेजा ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2006 में उनके पिता भगतराम को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। उन्होंने उन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उस समय हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ. विक्रमादित्य यादव ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने खुद को विशेषज्ञ बताया और इलाज शुरू कर दिया, जबकि मरीज को पेट संबंधी बीमारी थी। भर्ती के अगले ही दिन भगतराम की मौत हो गई।
घटना के बाद परिजन सदमे में थे, लेकिन हाल ही में दमोह से आई खबर के बाद उन्होंने दोबारा मामला उठाया। दमोह के मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत के बाद जांच में सामने आया कि वहां कार्यरत डॉ. विक्रमादित्य की डिग्री ही फर्जी थी। इसी डॉक्टर ने ही 2006 में भगतराम का इलाज किया था। इस जानकारी के बाद सुरेश टुटेजा ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सरकंडा पुलिस ने डॉक्टर विक्रमादित्य यादव के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दमोह पुलिस से समन्वय किया जा रहा है। फर्जी डिग्री के आरोप में डॉक्टर पहले ही दमोह पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में है। जल्द ही सरकंडा पुलिस की टीम पूछताछ के लिए दमोह रवाना हो सकती है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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