“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत अब तक 153 गुमशुदा बच्चों को तलाश कर सकुशल उनके परिजनों को सौंपा
छत्तीसगढ़ ।जशपुर पुलिस गुमशुदा बच्चों की तलाश को लेकर विशेष संवेदनशीलता बरत रही है। इसी कड़ी में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी (नोडल अधिकारी, ऑपरेशन मुस्कान) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम लगातार प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी गुमशुदा बच्चों की खोजबीन में जुटी हुई है। इस मुहिम के तहत, अब तक 153 गुमशुदा बच्चों को तलाश कर सकुशल उनके परिजनों को सौंपा जा चुका है।

इसी क्रम में, दिनांक 26 मार्च को थाना तपकरा क्षेत्र के एक ही गांव से दो परिवारों ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटियों के गुम होने की सूचना थाना में दर्ज कराई। परिजनों ने बताया कि दोनों किशोरियां कक्षा 12वीं की छात्रा हैं और बिना बताए घर से निकल गईं। काफी तलाश करने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, तपकरा थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर तत्काल गुम इंसान दर्ज कर बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और जांच शुरू कर दी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

जांच के दौरान सक्रिय मुखबिर तंत्र, परिजनों के सहयोग और पुलिस की तकनीकी टीम की मदद से यह जानकारी मिली कि दोनों नाबालिग बच्चियां उड़ीसा राज्य के एक गांव में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत रवाना हुई और वहां से दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे परिवार की किसी बात से नाराज होकर बिना बताए उड़ीसा में अपने रिश्तेदार के घर चली गई थीं। राहत की बात यह है कि इस दौरान उनके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक संदीप कौशिक, सहायक उप निरीक्षक अनिल सिंह कामरे, आरक्षक हरिनंदन साय, नीलम साय पैंकरा और महिला आरक्षक पुष्पा पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जशपुर की आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की गुमशुदगी की घटना सामने आती है तो संकोच ना करें पुलिस की मदद ले और तत्काल अपने निकटतम थाना में सूचना दें, ताकि शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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