सरगुजा पुलिस की कार्रवाई:अमेरा खदान से छ लाख का कोयला जब्त, 21 गिरफ्तार,संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ सरगुजा।सरगुजा जिले की अमेरा ओपन कोयला खदान में हुई हालिया पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कोयला चोरी अब छिटपुट घटना नहीं, बल्कि जिले की सीमाओं को पार करता संगठित नेटवर्क बन चुकी है। पुलिस जांच में संकेत मिले हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र से निकाला जा रहा कोयला बिलासपुर तक पहुंचाया जा रहा था, जहां इसकी अवैध खपत की जा रही थी।
थाना लखनपुर क्षेत्र स्थित अमेरा खदान लंबे समय से तस्करों के निशाने पर थी। आरोपी समूह बनाकर खदान क्षेत्र में प्रवेश करते, कोयले को छोटे-छोटे खेपों में बाहर निकालते और साइकिल व मोटरसाइकिल के जरिए सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे। बाद में यही कोयला बड़े नेटवर्क के माध्यम से बिलासपुर और आसपास के इलाकों में भेजा जाता था।
भीड़ का सहारा, सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव

खदान सुरक्षा कर्मियों के अनुसार, जब भी चोरी रोकने का प्रयास किया गया, तस्करों के समर्थन में आसपास के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो जाते थे। कई मौकों पर गाली-गलौज और हाथापाई की स्थिति भी बनी। इससे साफ है कि कोयला चोरी की गतिविधि को स्थानीय स्तर पर सामाजिक समर्थन देने की कोशिश भी की जा रही थी, ताकि कार्रवाई को कमजोर किया जा सके।
पुलिस कार्रवाई से टूटी संगठित कड़ी
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा आईपीएस राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर थाना लखनपुर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.5 टन कोयला, 13 साइकिल और 19 मोटरसाइकिल जब्त कीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपियों ने संगठित रूप से कोयला चोरी करने की बात स्वीकार की।
मामले में थाना लखनपुर में अपराध क्रमांक 32/26 धारा 329(3), 303(2), 112(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
अवैध उत्खनन पर चला प्रशासन का डंडा

कार्रवाई के दौरान खदान के आसपास नदियों के मुहानों पर अवैध उत्खनन के लिए खोदे गए गड्ढों को जेसीबी मशीन से भरवाकर समतल कराया गया। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल कोयला चोरी बल्कि पर्यावरणीय क्षति पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
बिलासपुर लिंक पर फोकस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। बिलासपुर तक सप्लाई चैन के पूरे नेटवर्क कोयला खरीदने वालों और परिवहन में इस्तेमाल हो रहे साधनों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी संभव है।
इस पूरी कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण तुल सिंह पट्टावी थाना प्रभारी लखनपुर संपत पोटाई सहित थाना लखनपुर पुलिस बल की सक्रिय भूमिका रही।
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