ग्रामीण जीवन और पारंपरिक खेलों पर केंद्रित रहीं प्रस्तुतियाँ

वर्धा।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में ग़ालिब सभागार में ठिहाना तथा डिस्कवरी ऑफ़ रूरल स्पोर्ट्स नामक दो वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया गया। इन वृत्तचित्रों का निर्देशन एवं प्रस्तुति विश्वविद्यालय के स्नातक जनसंचार विभाग के विद्यार्थी राहुल कुमार ने की।
वृत्तचित्र ठिहाना में आधुनिकता के दौर में ग्रामीण जीवन में आए परिवर्तनों को केंद्र में रखा गया है। इसमें दर्शाया गया है कि किस प्रकार आधुनिक प्रभावों ने ग्रामीण समाज की जीवनशैली, परंपराओं और सामाजिक संरचना को प्रभावित किया है तथा ये परिवर्तन किस दिशा में अग्रसर हैं।
वहीं डिस्कवरी ऑफ़ रूरल स्पोर्ट्स वृत्तचित्र में भारत के 17 विलुप्त होते पारंपरिक ग्रामीण खेलों को प्रस्तुत किया गया है। इस वृत्तचित्र के माध्यम से इन खेलों के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया गया, जो समय के साथ आधुनिक खेलों के प्रभाव में हाशिए पर चले गए हैं।
दोनों वृत्तचित्रों की शूटिंग झारखंड के गढ़वा ज़िले के स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों में की गई है। इनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण जीवन, परंपराओं और लोकधरोहरों का दस्तावेज़ीकरण करना रहा।
प्रदर्शन के दौरान सभागार में उपस्थित दर्शकों ने गंभीरता और उत्सुकता के साथ वृत्तचित्रों को देखा। कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने विषय चयन, शोध और प्रस्तुति की सराहना की।
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