CBN36 रायगढ़, 21 सितंबर। गौवंश तस्करी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत कोतरारोड़ पुलिस ने सरवानी-कुलबा मेन रोड पर घेराबंदी कर तीन पिकअप वाहनों में ले जाए जा रहे 6 गौवंशों को मुक्त कराया और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश में पुलिसकर्मियों की ओर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, पुलिस के शासकीय वाहन को भी टक्कर मार दी। पुलिस टीम ने जान जोखिम में डालकर तीनों वाहनों को दबोच लिया।
सुबह पांच बजे बिछाया जाल, तीनों पिकअप एक साथ फंसे
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन पिकअप वाहनों में गौवंशों को भरकर सरवानी से रायगढ़ होते हुए झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में डीएसपी उन्नति ठाकुर और अजय नागवंशी तथा कोतरारोड़ थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सरवानी-कुलबा मेन रोड पर घेराबंदी कर दी।
सुबह करीब पांच बजे एक के बाद एक JH-05-CR-0840, JH-01-GC-5199 और OD-17-G-9320 नंबर के पिकअप वाहन आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया तो चालकों ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की ओर वाहन चढ़ाकर निकलने की कोशिश की। एक पुलिसकर्मी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस के शासकीय वाहन CG-03-A-0705 को टक्कर मार दी।
पुलिस ने पीछा कर तीनों वाहनों को दबोचा
तस्करों की इस हरकत के बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों पिकअप वाहनों को रोक लिया गया। तलाशी में वाहनों के भीतर कुल 6 गौवंश मिले। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले पिकअप से नकुल साहू और शिवा कुमार साहू, दूसरे से आदित्य महतो और रूपेश लहरे, जबकि तीसरे पिकअप से राम महतो और राजू सतनामी को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने गौवंशों को गुमला, झारखंड ले जाने की बात बताई।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में ललित निवासी सरवानी मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी है।
तस्करी के साथ पुलिस पर हमले की भी कोशिश
मामला केवल गौवंश तस्करी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस के अनुसार, नाकेबंदी तोड़कर भागने के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की ओर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया और शासकीय वाहन को टक्कर मारी। इस मामले में थाना कोतरारोड़ में बीएनएस की धारा 281, 221, 132, 109(1) के साथ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
17.50 लाख की जब्ती, तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने छह गौवंशों की अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपये और तीन पिकअप वाहनों की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी है। इस तरह कुल 17.50 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है। गौवंशों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आवश्यक प्रक्रिया के तहत रखा गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गौवंश तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का दो टूक संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत गौवंशों की अवैध तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी गौवंश तस्करी या पशु क्रूरता की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
कार्रवाई में डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी अजय नागवंशी, थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह, एएसआई जय सिंह स्वादू, आरक्षक उत्तम सारथी, बंशी रात्रे और अजय साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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