बस्तर की महिलाओं ने रचा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय, इको-फ्रेंडली 52 प्रतिमाएं हाथों-हाथ बिकीं
CBN36 रायपुर, 14 सितंबर। बस्तर की मिट्टी में कला और हुनर की खुशबू एक बार फिर सामने आई है। बकावंड विकासखंड के तारापुर गांव की महिलाओं ने गणेशोत्सव में पर्यावरण संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। ‘मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह’ की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से 52 इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं और इन्हें बेचकर 1.80 लाख रुपये की आय अर्जित की।
शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने बिना हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों के आकर्षक गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। बाजार में पहुंचते ही इन प्रतिमाओं की मांग इतनी बढ़ी कि पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।
पूजा होते देख मिली मेहनत की खुशी
समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने बताया कि अपने हाथों से बनाई प्रतिमाओं को लोगों के घरों में स्थापित होते और उनकी पूजा होते देखना उनके लिए बेहद खुशी का पल है। मेहनत से मिली इस कमाई का उपयोग परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा में किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार
तारापुर की महिलाओं की यह पहल केवल कमाई तक सीमित नहीं है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया है। सीमित संसाधनों से शुरू किया गया यह काम अब गांव की महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन की राह दिखा रहा है।
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