CBN36 भिलाई। जयंती स्टेडियम में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों से बचने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर क्राइम से आजादी’ विशेष साइबर जागृति अभियान से जुड़ने की अपील की। यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि वे अपना ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहने की भी अपील की। कथा में मौजूद श्रद्धालुओं को साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
लाखों श्रद्धालुओं तक पहुंचा साइबर जागरूकता का संदेश
शिवमहापुराण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी का लाभ उठाते हुए दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध से बचाव के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की पहल की। पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अभियान के क्यूआर कोड को स्कैन कर इससे जुड़ने तथा अभियान के कटआउट के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा करने की अपील की।
23 अगस्त तक चलेगी शिवमहापुराण कथा
बोलबम सेवा समिति खुरसीपार, भिलाई की ओर से 17 से 23 अगस्त तक जयंती स्टेडियम, भिलाई नगर में शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात, पार्किंग, प्रवेश और निकास व्यवस्था पर भी पुलिस की नजर है।
फर्जी कॉल और लिंक के जरिए ठगी से रहें सावधान
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, सोशल मीडिया संपर्क और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद उनसे बैंकिंग या अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर आर्थिक ठगी की जाती है। पुलिस ने किसी भी संदिग्ध संपर्क पर प्रतिक्रिया देने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था का सत्यापन करने की सलाह दी है।
दुर्ग पुलिस ने की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें।
‘आपकी एक छोटी पहल, किसी बड़े साइबर अपराध को रोक सकती है।’
प्रधान संपादक




