रायपुर।प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही खरीफ सीजन की खेती-किसानी ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का कार्य पूरा हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 10 प्रतिशत है। इस वर्ष खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने तथा सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण और सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग इसकी नियमित समीक्षा कर रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ बोनी का रकबा लगातार बढ़ रहा है। राज्य में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी जारी है।
2 जुलाई 2026 तक प्रदेश में औसतन 96.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।
अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिनमें से 3.09 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। यह कुल मांग का 62 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए थे।
इसी प्रकार खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्र में 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है तथा अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।
कृषि विभाग के अनुसार किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। 30 जून 2026 तक 5525 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि 4517 करोड़ रुपये थी। इस वर्ष 8800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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