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July 3, 2026 1:01 pm

कानाफूसी

सियासत,गुटबाजी और कांग्रेस

जिला व शहर कांग्रेस कमेटी की बहुप्रतीक्षित कार्यकारिणी का आखिरकार ऐलान हो ही गया। दोनों अध्यक्षों को अब राहत मिलेगी। अपनी-अपनी टीम के साथ अब  सरकार को घेरने  रणनीति भी बनाएंगे और उसे अमलीजामा भी पहनाएंगे। बात जब कार्यकारिणी ही चल निकली है तो गुटों में बंटे कांग्रेसी नेताओं की  कितनी चल पाई और नहीं चल पाई तो क्यों ऐसा हुआ, इसे लेकर चर्चा करना भी जरुरी है और शहर में हो रही  चर्चा को जानना भी जरुरी है।  शहर कांग्रेस की टीम पर नजर डालें तो तेरी भी  जय-जय और तेरी भी जय-जय की स्टाइल में पदाधिकारी सूची में नजर आ रहे हैं। इसमें बात थोड़ी खटर रही है तो यह, पूर्व एमएलए के समर्थकों के नाम नजर नहीं आ रहे हैं। ये क्यों हुआ और कैसे हुआ, ये तो वे जानेंगे या फिर जिसने  सूची बनाई उनको पता होगा। सूची बनाने वालों ने इशारा तो जरुर कर दिया है। अब यह इशारा क्या है, अगर आपको कंफर्म पता चले तो हमें भी बताइएगा। 

पुरानी यारी रही कायम

शहर कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी की सूची पर जरा गौर करिए। किस  तरह के लोगों के नाम शामिल हैं। कुछ ऐसे जिन पर नगर निगम चुनाव में खुलाघात और भीतरघात के आरोप लगे थे। कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने भैया लोगों के साथ जमीन जायदाद के धंधे में तन मन धन से अब भी लगे हुए हैं। पुरानी यारी और जान पहचान का यही तो फायदा है, ऊपर से बिजनेस भी एक है। जब सब-कुछ ठीक-ठाक है तो फिर नाम जोड़ने या जुड़वाने में हर्ज ही क्या। फर्क सिर्फ आएगा,  तब जमीन के धंधे  में शामिल लोग कहलाते थे, अब शहर कांग्रेस कमेटी के फलां पदाधिकारी कहलाएंगे। जाहिर है, धंधा भी जमकर चलेगा। संगठन का कुछ हो या ना हो, पार्टी के टैग के सहारे इनका तो भला हो ही जाएगा। 

इसलिए तो भाजपा है, संगठन की तूती का मतलब क्या

गुरुवार को बिलासपुर सहित दुर्ग और बस्तर संभाग  के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की सूची नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी कर दी है। बिलासपुर नगर निगम की सूची पर नजर डालेंगे तो एकबारिगी संगठन की चल गई है। जिला कोर ग्रुप ने जो नाम प्रदेश कार्यालय को भेजी, हु-ब-हू वही नाम सूची में शामिल होकर आ गया है। इसलिए तो भाजपा संगठन की दाद देनी होगी। संगठन के पदाधिकारियों की तूती जो बाेलती है। ऐसा भी नहीं, किसी ने एल्डरमैन बनने लॉबिंग ना किया हो, मंत्री से लेकर मेयर और ना जाने कहां-कहां मत्थे टेके होंगे। आश्वासन भी मिला होगा। पर हुआ क्या। हुआ तो वही ना जो संगठन ने चाहा। इशारा समझिए और अभी से लग जाइए। 

कोटा का चला खेल, वजन का हुआ अंदाजा

बिलासपुर नगर निगम एल्डरमैन  की सूची पर आपने नजर तो डाल ही लिया होगा, यह भी पता चल ही गया होगा, किस विधायक के हिस्से कितने का कोटा आया। आपको यह भी बता दें, जिसे जितना कोटा मिला, उसी अंदाज में पार्टी में वजन भी सामने आया  है। ये अलग बात है, नियुक्ति से पहले तरह-तरह की बातें हो रही थी, सेंट्रल मिनिस्टर  के कोटे को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थी। कोटा नहीं मिला। ये तो एमएलए के बीच ही बंट गया। अब चलिए नंबरिंग करते हैं। बिलासपुर एमएलए के हिस्से छह, बिल्हा व बेलतरा एमएलए के हिस्से दो-दो और तखतपुर एमएलए के हिस्से एक। 11 एल्डरमैन का पूरा हिसाब आपके सामने है। अब यह आपको पूरी छूट है, आप अपने हिसाब से राजनीतिक विश्लेषण कर सकते हैं और इसे पब्लिक के बीच रख  भी सकते हैं।

अटकलबाजी

शहर कांग्रेस की बॉडी में जमीन जायदाद वालों की भी पूछपरख बढ़ी है। आने वाले दिनों में इसका फायदा किसे मिलेगा। पुराने जमीन वाले लोग क्यों और कहां गायब से हो गए। 

बिलासपुर नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति में किसकी चल गई। किस बंगले की पूछपरख यकायक बढ़ गई है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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