दुर्ग, 7 जून। दधीची प्रशिक्षण हॉल, रक्षित केंद्र दुर्ग में डायल-112 के वाहन चालकों और आरक्षकों की विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए त्वरित रिस्पांस, अनुशासन और बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ब्रीफिंग में डायल-112 के 65 आरक्षक और 52 वाहन चालक शामिल हुए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डायल-112 वाहन अनावश्यक रूप से थाना या यातायात शाखा में खड़े न रहें और सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हों। उन्होंने कर्मचारियों को याद दिलाया कि वे जिला पुलिस के प्रतिनिधि हैं और आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने ड्यूटी के दौरान पूर्ण अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने पर बल देते हुए किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर ड्यूटी करने पर सख्त प्रतिबंध की चेतावनी दी। साथ ही फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंगुइशर तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की प्रतिदिन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में बेहतर कार्य करने वाले डायल-112 कर्मियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार देने की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा।
मानसून को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तालाब, नदी और अन्य जलाशयों में डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना तत्काल संबंधित थाना को उपलब्ध कराने और डायल-112 की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रक्षित केंद्र दुर्ग और डायल-112 शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका को सराहनीय बताया गया।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना, अपराध अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें तथा मानसून के दौरान नदी-नालों और तालाबों के आसपास विशेष सावधानी बरतें।
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