
रायपुर, 06 मई 2026।राज्य शासन के मोर गांव मोर पानी महाअभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिला जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं।
17 सौ से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण
जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” थीम के अंतर्गत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रशासन और जनसहभागिता के समन्वित प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
2541 सोखता गड्ढे, 87 तालाबों का नवीनीकरण

वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के माध्यम से 2541 सोखता गड्ढों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण किया गया। जनजागरूकता के लिए रैली, कलश यात्रा, शपथ ग्रहण और दीपदान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भू-जल स्तर में 2.19 मीटर तक वृद्धि

जलदूत ऐप के आंकड़ों के अनुसार प्री-मानसून 2024 की तुलना में प्री-मानसून 2025 में 1.81 मीटर तथा पोस्ट-मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट-मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि जल संरक्षण उपायों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
तीनों विकासखंड ‘सेफ’ श्रेणी में शामिल
ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना (23 सितम्बर 2025) के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पहले सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में थे, अब सेफ ब्लॉक श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं।इस प्रकार मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिला सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है।
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