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April 22, 2026 11:21 pm

सीट बेल्ट व हेलमेट की अनदेखी जानलेवा, बिलासपुर यातायात पुलिस ने जारी किया विशेष सुरक्षा संदेश

“एएसपी ट्रैफ़िक रामगोपाल करियारे ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और आईएसआई मार्क हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करते हुए स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें”

बिलासपुर। यातायात विश्लेषण के आधार पर यातायात पुलिस बिलासपुर ने वाहन चालकों के लिए विशेष सुरक्षा संदेश जारी करते हुए सीट बेल्ट और हेलमेट के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वाहन में उपलब्ध सुरक्षा फीचर्स के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना दुर्घटना के समय जानलेवा साबित हो सकता है।

यातायात पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में आगे और पीछे की सीटों पर बैठे सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई गाड़ियों में “चाइल्ड सीट बेल्ट” और सीट बेल्ट न लगाने पर “अलार्म/बीप” सिस्टम भी अनिवार्य रूप से दिए गए हैं। इसके बावजूद कई लोग अलार्म से बचने के लिए सीट बेल्ट को पीछे मोड़कर लगा देते हैं, जिससे दुर्घटना के समय एयरबैग सही तरीके से कार्य नहीं कर पाता।

विशेषज्ञों के अनुसार, सीट बेल्ट में प्री-टेंशनर और फोर्स लिमिटर जैसे दो प्रमुख तकनीकी सिस्टम होते हैं। दुर्घटना की स्थिति में प्री-टेंशनर शरीर को सीट से जकड़ कर आगे झुकने से रोकता है, जबकि फोर्स लिमिटर एयरबैग खुलने के बाद शरीर को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ने देता है, जिससे गंभीर चोट की संभावना कम हो जाती है। इसके बावजूद जागरूकता के अभाव में लोग इन सुरक्षा व्यवस्थाओं का सही उपयोग नहीं कर रहे हैं।

इसी तरह दोपहिया वाहनों में हेलमेट के उपयोग को लेकर भी लापरवाही सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हाफ फेस हेलमेट की तुलना में फुल फेस हेलमेट अधिक सुरक्षित होता है, क्योंकि यह सिर के संवेदनशील हिस्सों की बेहतर सुरक्षा करता है। बावजूद इसके, सुविधा के चलते लोग हाफ हेलमेट का उपयोग अधिक करते हैं, जिससे दुर्घटना के दौरान मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

यातायात एएसपी रामगोपाल करियारे ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मामलों में तेज रफ्तार, सीट बेल्ट का उपयोग न करना और हेलमेट न पहनना प्रमुख कारण पाए गए हैं। दुर्घटनाओं में मरने वाले अधिकांश लोग युवा वर्ग के होते हैं, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ता है।

छत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार, मोटरयान अधिनियम की धारा 194(घ) के तहत हेलमेट न पहनने पर ₹500 का जुर्माना निर्धारित है, जबकि धारा 194(ख) (1) के तहत सीट बेल्ट न लगाने पर 500 तथा पुनरावृत्ति पर 1000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इन प्रावधानों के तहत परिवहन, राजस्व और पुलिस विभाग को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।

यातायात पुलिस ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों में ट्रैफिक सेंस विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वाहन डीलर और पेट्रोल पंप संचालकों को भी जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल किया गया है। कई स्थानों पर “हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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