
“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, संगठित नेटवर्क के हर स्तर पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ,आमजन से भी सहयोग की अपील की”
रायगढ़, 21 अप्रैल 2026। जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। ऑपरेशन तलाश के अंतर्गत लैलूंगा पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सदानंद भाट को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, सदानंद भाट गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का अहम हिस्सा है, जो उड़ीसा से गांजा लाकर रायगढ़ के रास्ते अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। इससे पहले इसी मामले में दो आरोपियों श्रवण कुमार निषाद और महेंद्र प्रसाद चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पूछताछ के दौरान दोनों ने सदानंद भाट और रामकुमार कुजूर के नाम उजागर किए थे।
गुप्त चेंबर बनाकर करते थे तस्करी
मामले का खुलासा 1 मार्च 2026 को उस समय हुआ, जब पुलिस को सूचना मिली कि एक कार में गांजा तस्करी की जा रही है। लैलूंगा पुलिस और साइबर टीम ने पाकरगांव अटल चौक के पास घेराबंदी कर संदिग्ध मारुति सुजुकी रिट्ज कार को रोका। तलाशी के दौरान वाहन के दरवाजों और बैक लाइट में बनाए गए गुप्त चेंबर से कुल 29.115 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। साथ ही वाहन और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
कमीशन पर चलता था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उड़ीसा से गांजा लाकर सप्लाई करने के एवज में प्रति 10 किलो पर 10 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन सदानंद भाट और फरार आरोपी रामकुमार कुजूर द्वारा किया जा रहा था।
लगातार दबिश के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर 19 अप्रैल को सदानंद भाट को उसके गांव से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। उसके खिलाफ थाना लैलूंगा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं फरार आरोपी रामकुमार कुजूर की तलाश जारी है।
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