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March 13, 2026 8:22 pm

राजस्व विभाग की 3502 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित

डिजिटल पारदर्शिता और आपदा प्रबंधन को मिलेगा नया बल, विजयपुर व देवगढ़ को उप तहसील बनाने की घोषणा

रायपुर, 13 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। कुल 4,808 करोड़ 73 लाख 96 हजार रुपये की इन मांगों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 3,502 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अनुदान मांगों में भू-राजस्व एवं जिला प्रशासन के लिए 2,206 करोड़ 2 लाख 97 हजार रुपये, राजस्व विभागीय व्यय के लिए 20 करोड़ 62 लाख 64 हजार रुपये, पुनर्वास के लिए 2 करोड़ 94 लाख 50 हजार रुपये, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत के लिए 1,272 करोड़ 99 लाख 2 हजार रुपये तथा उच्च शिक्षा विभाग के लिए 1,306 करोड़ 14 लाख 83 हजार रुपये शामिल हैं।

अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण, डिजिटल ऋण पुस्तिका, ऑटो डायवर्जन और लोक सेवा गारंटी जैसी व्यवस्थाओं से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

राजस्व प्रशासन का विस्तार

मंत्री वर्मा ने बताया कि प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत राज्य में राजस्व ढांचे का विस्तार किया गया है। राज्य गठन के समय जहां 16 जिले थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग, तहसील, राजस्व निरीक्षक मंडल और पटवारी हल्कों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

ऑटो डायवर्जन और डिजिटल किसान किताब

राज्य में भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए ऑटो डायवर्जन प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत आवेदन के 15 दिनों के भीतर भूमि उपयोग परिवर्तन स्वतः हो जाता है। इसके साथ ही डिजिटल किसान किताब की सुविधा से किसानों को भूमि स्वामित्व, ऋण स्थिति और अन्य जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है।

भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और पारंपरिक ग्रामीण व्यवसाय से जुड़े परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। वर्ष 2025-26 में लगभग 4.96 लाख हितग्राहियों के लिए 496 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि 2026-27 में 605 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आधुनिक तकनीक से कृषि निगरानी

राज्य सरकार ने उपहार उपहार योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र की निगरानी और सलाहकारी प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीक के जरिए फसल क्षेत्र, उत्पादन अनुमान और आपदा से होने वाले नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को भूमि अधिकार

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को भूमि अधिकार देने की दिशा में कार्य जारी है। राज्य में 10.50 लाख हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख देने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 1.60 लाख लोगों को अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

पंजीयन के साथ स्वतः नामांतरण

राज्य में जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद ऑटो म्यूटेशन की व्यवस्था लागू की गई है। पंजीयन होते ही जमीन का नामांतरण स्वतः क्रेता के नाम पर हो जाता है, जिससे नागरिकों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिली है।

आपदा प्रबंधन के लिए प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) में 588 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) में 50 करोड़ रुपये तथा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) में 147 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि डिजिटल राजस्व प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी आपदा प्रबंधन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है।

घोषणा:

विधानसभा में चर्चा के दौरान मुंगेली जिले के विजयपुर और सरगुजा जिले के देवगढ़ को उप तहसील बनाने की घोषणा भी की गई।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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