बिलासपुर। एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की गोपनीय जानकारी लीक होने के बाद कार्रवाई करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। गुरुवार को जारी तबादला आदेश में एसीसीयू में पदस्थ आरक्षक वीरेंद्र गंधर्व और मुकेश वर्मा का नाम शामिल है। दोनों को एसीसीयू से हटाकर अन्य स्थानों पर पदस्थ किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले एक मामले से जुड़ी गोपनीय सूचना एसीसीयू कार्यालय से बाहर पहुंचने की शिकायत अधिकारियों को मिली थी। मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायत की प्राथमिक जांच कराई गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जारी आदेश के अनुसार आरक्षक वीरेंद्र गंधर्व को पचपेड़ी थाने में पदस्थ किया गया है, जबकि मुकेश वर्मा को सिविल लाइन सीएसपी कार्यालय में अटैच किया गया है। इसके अलावा तबादला सूची में दो एसआई समेत सात पुलिस कर्मियों के नाम शामिल हैं। एसआई गणेश राम महिलांगे को पुलिस लाइन से सकरी थाने भेजा गया है। कोनी थाने में पदस्थ एसआई मनोरमा तिवारी को कोतवाली थाने में नई जिम्मेदारी दी गई है। एएसआई विजय राठौर को सकरी से कोतवाली थाने स्थानांतरित किया गया है। आरक्षक प्रेम उपाध्याय को तोरवा से एसपी कार्यालय भेजा गया है, जबकि सीएसपी कार्यालय में पदस्थ आरक्षक रमेश साहू को सिविल लाइन थाने में पदस्थ किया गया है।
विभागीय जांच की भी चल रही चर्चा
एसएसपी कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद विभागीय जांच की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की गुप्त रूप से जांच कराई गई थी। प्राथमिक जांच में तथ्य सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही औपचारिक विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है। यदि जांच में संबंधित पुलिस कर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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