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February 10, 2026 11:34 am

कंप्यूटर और सिलाई का प्रशिक्षण लेकर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

बिलासपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शांभवी फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयास अब ठोस परिणाम देने लगे हैं। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम सल्का (सरगांव) में संचालित शांभवी फाउंडेशन के निशुल्क कंप्यूटर एवं कपड़ा सिलाई प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी बालिकाओं और महिलाओं के लिए प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक धरमलाल कौशिक रहे।

बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला है। शासन द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। महिला समूहों के गठन और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने पैरों पर खड़ी हों। कार्यक्रम में शांभवी फाउंडेशन की संचालिका शिल्पी केडिया ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण अंचल की जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण एवं सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं स्वयं का रोजगार शुरू कर रही हैं और नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। कार्यक्रम में जिला भाजपा मंत्री डॉ. देवेंद्र कौशिक, छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश केडिया, सरपंच उषा खुसरो, थोक फल-सब्जी संघ अध्यक्ष अनिल सलूजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

अमेरिका की नौकरी छोड़कर महिलाओं को बना रहीं सबल
शिल्पी केडिया ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में कई वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया। देश सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़ दी और ग्राम सल्का स्थित अपने फार्म हाउस में महिलाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की। अब तक 700 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को कंप्यूटर एवं सिलाई का प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से अनेक महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं।

80 प्रशिक्षणार्थियों को मिला प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान 80 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं ने अपने द्वारा सिले गए कपड़ों की प्रदर्शनी भी लगाई, जिसे अतिथियों और ग्रामीणों ने खूब सराहा। वहीं कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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