विकसित भारत के लिए शत-प्रतिशत साक्षरता आवश्यक : प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर

वर्धा, 24 जनवरी।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अध्यापक शिक्षा संस्थानों हेतु राष्ट्रीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ एनसीईआरटी नई दिल्ली राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद तथा हिंदी विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से विश्वविद्यालय के कस्तूरबा सभागार में किया गया।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश में शत-प्रतिशत साक्षरता अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत साक्षरता दर को सौ प्रतिशत तक पहुँचाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। केवल आर्थिक प्रगति से देश विकसित नहीं बनता, इसके लिए सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र सरकार के निदेशक (योजना) कृष्ण कुमार पाटील ने महाराष्ट्र में उल्लास कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए कहा कि 15 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक महाराष्ट्र को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस अवसर पर अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के सहायक प्राध्यापक डॉ. ऋषभ मिश्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 और समुदाय सहभागिता के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को सुदृढ़ करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं आरआईई भोपाल के सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार ने उल्लास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अध्यापक शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार रखे।

मंच पर उपसंचालक, योजना शिक्षण संचालनालय महाराष्ट्र डॉ. वंदना वाहुळ तथा एससीईआरटी महाराष्ट्र की विभागाध्यक्ष गीतांजलि बोरुडे भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. समरजीत यादव ने दिया। संचालन राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ, दिल्ली की परामर्शदाता ज्योति तिवारी ने किया तथा आभार ज्ञापन वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अलका योगी ने किया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात ज्योति तिवारी ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम एवं अध्यापक शिक्षा संस्थानों में सामाजिक चेतना केंद्र की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में कार्यक्रम के विविध पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की सफलता में डायट वर्धा के प्राचार्य डॉ. मंगेश घोगरे डॉ. राम सोनारे ज्ञानेश्वर पानसरे, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बी.एस. मिरगे सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा। तकनीकी सहयोग में सचिन बोडखे, मुशीर खान, मिथिलेश राय एवं हेमंत दुबे ने योगदान दिया।
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