बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। यदुनंदन नगर, तिफरा निवासी एक महिला ने अपने पटवारी पति और ससुराल के अन्य परिजनों पर दहेज के लिए शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने, टोनही कहकर अपमानित करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह दिसंबर 2020 में जैनेंद्र लहरे से हुआ था, जो वर्तमान में मुंगेली जिले में पटवारी के पद पर पदस्थ है। विवाह के एक माह बाद से ही पति सहित सास सरोजनी लहरे, ससुर टेकचंद लहरे, देवर रवि लहरे, ननद सुनीता टोंडर और नंदोई शत्रुघ्न टोंडर द्वारा अलग-अलग कारणों से प्रताड़ना शुरू कर दी गई। महिला का आरोप है कि उसे बार-बार टोनही कहकर अपमानित किया जाता था और कम दहेज लाने के ताने दिए जाते थे। पीड़िता के अनुसार गर्भावस्था के दौरान भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई। उसे और उसके नवजात बच्चे को कई बार घर से बाहर निकाल दिया गया। पति द्वारा घर खर्च के लिए पैसे नहीं देने, व्हाट्सएप के माध्यम से धमकी भरे संदेश भेजने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। महिला ने बताया कि उसके बच्चे के साथ भी मारपीट की गई, जिससे बच्चा मानसिक रूप से भयभीत हो गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ससुराल पक्ष द्वारा कार, सोना-चांदी, एसी, वाशिंग मशीन जैसे महंगे सामान मायके से लाने का लगातार दबाव बनाया जाता रहा। विरोध करने पर महिला को घर में अछूत की तरह अलग कमरे में रखा गया, कई बार भूखा-प्यासा रखा गया और जान से मारने की कोशिश भी की गई। महिला ने देवर पर गंदी नजर रखने और पीछा करने का गंभीर आरोप भी लगाया है। पीड़िता ने बताया कि महिला थाना, डायल 112 तथा सामाजिक व पारिवारिक बैठकों के माध्यम से कई बार समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। वर्तमान में वह पिछले दो माह से मायके में रह रही है। महिला की शिकायत पर सिरगिट्टी पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(2) और 85 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
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