बिलासपुर। सकरी क्षेत्र में संपत्ति के लालच से रिश्तेदारों की धोखाधड़ी और जालसाजी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बहन की मौत के बाद उसके ही भाईयों ने अपने जीजा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर न केवल पारिवारिक जमीन हड़प ली, बल्कि नाबालिग भांजे-भांजियों के हिस्से की जमीन भी बेच दी। मामले की शिकायत पर पुलिस सकरी पुलिस ने धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायगढ़ जिले के हालाहुली निवासी मनीष शुक्ला ने एसएसपी कार्यालय में इस पूरे मामले की शिकायत की है। मनीष ने पुलिस को बताया कि वे गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनकी पत्नी अमिता शुक्ला का अप्रैल 2018 में निधन हो गया था। अमिता को उसके मायके से मकान और जमीन में हिस्सा मिला था। पत्नी की मौत के बाद उक्त संपत्ति उनके नाबालिग बच्चों के नाम दर्ज हो गई थी। मनीष ने बताया कि अप्रैल 2025 में उन्हें जानकारी मिली कि उनके बच्चों के नाम दर्ज जमीन को उनकी पत्नी के भाई अखिलेश पांडेय, अनुराग पांडेय और अभिषेक पांडेय ने आपसी मिलीभगत से बेच दिया है। इस सूचना से चौंककर उन्होंने राजस्व विभाग से जमीन के दस्तावेज निकलवाए। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जमीन बेचने के लिए मनीष का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया था, ताकि उन्हें मृत दर्शाकर संपत्ति का लेन-देन किया जा सके। पीड़ित के अनुसार, नाबालिग बच्चों के अधिकारों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। इस धोखाधड़ी से बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। सोमवार को मनीष अपने नाबालिग बच्चों को साथ लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सकरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 464, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, रजिस्ट्री प्रक्रिया और जमीन खरीदने वालों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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