एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा जिले में अपराध नियंत्रण के लिए सतत निगरानी, बीट सिस्टम की मजबूती और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। पुलिस की प्राथमिकता है कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे और अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई हो।
बिलासपुर जिले में वर्ष 2025 के दौरान पुलिस द्वारा अपनाई गई सुदृढ़ रणनीति का असर अपराध नियंत्रण के रूप में स्पष्ट रूप से सामने आया है। लूट, चोरी, नकबजनी, डकैती और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में बीते वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। तीन वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े दर्शाते हैं कि निरंतर निगरानी और क्षेत्रीय स्तर पर की गई कार्रवाई से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
पुलिस प्रशासन ने अपराध नियंत्रण के लिए थानास्तर पर बीट सिस्टम को और मजबूत किया। प्रत्येक बीट में जिम्मेदारी तय कर नियमित भ्रमण, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और स्थानीय नागरिकों से संवाद बढ़ाया गया। इसके साथ ही रात्रि गश्त को सघन बनाते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। जेल से छूटे अपराधियों की नियमित चेकिंग और निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने से अपराध की पुनरावृत्ति पर रोक लगी।

एसएसपी के अनुसार संगठित अपराधों पर विशेष फोकस किया गया। चोरी, नकबजनी और लूट जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, बल्कि चोरी गई संपत्ति की अधिकतम बरामदगी भी सुनिश्चित की गई। इससे अपराधियों में भय का माहौल बना और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा।
अपराध नियंत्रण की इस रणनीति में तकनीकी संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग किया गया। CCTV कैमरों, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र के समन्वय से कई मामलों का शीघ्र खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि तकनीक आधारित जांच से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि साक्ष्य भी मजबूत हुए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग रणनीति अपनाई गई। ग्रामीण इलाकों में पुलिस ने ग्राम सुरक्षा समितियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित किया, जबकि शहरी क्षेत्रों में पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान को प्राथमिकता दी गई। बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित पुलिस मौजूदगी से अपराधियों की गतिविधियां सीमित हुईं।


एसएसपी रजनेश सिंह का कहना है कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत आम नागरिकों से संवाद बढ़ाया गया और उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने के लिए प्रेरित किया गया। समय पर मिली सूचनाओं के आधार पर कई मामलों में अपराध होने से पहले ही कार्रवाई संभव हो सकी।
कुल मिलाकर वर्ष 2025 में बिलासपुर पुलिस द्वारा अपनाई गई रणनीति ने जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत आधार दिया है। अपराधों में आई कमी यह दर्शाती है कि सतत निगरानी, तकनीकी सहयोग और जनसहयोग के माध्यम से अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में भी यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।
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