बिलासपुर।जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में किए गए सुनियोजित प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अपराध नियंत्रण, नशा उन्मूलन, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात सुधार तथा संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के चलते जिले में अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में चोरी के मामलों में लगभग 5 प्रतिशत, लूट में 42 प्रतिशत, नकबजनी में 10 प्रतिशत तथा डकैती में 13 प्रतिशत की कमी आई है। यह कमी थानों स्तर पर बीट सिस्टम, रात्रि गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग और अपराधियों की सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नशे के सौदागरों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा, नशीली दवाएं, इंजेक्शन और टैबलेट जब्त किए गए। पुलिस ने न केवल तस्करों की गिरफ्तारी की, बल्कि SAFEMA अधिनियम के तहत करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जब्त कर नशा कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ने का काम किया।
महिला एवं बाल अपराधों में गिरावट
पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों में कमी दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की जमानत का विरोध किया गया, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना। इसके साथ ही चेतना जैसे सामुदायिक पुलिसिंग अभियानों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को जागरूक किया गया।
सड़क सुरक्षा में सुधार
यातायात जागरूकता अभियानों, स्कूल-कॉलेजों में प्रशिक्षण, हेलमेट वितरण और सघन चेकिंग के चलते सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2025 में यातायात नियमों के उल्लंघन पर हजारों चालान काटे गए और लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया।
संगठित अपराध और आदतन अपराधियों पर शिकंजा
गुंडा, निगरानी बदमाश और संगठित अपराधियों के विरुद्ध बड़ी संख्या में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। कई बदमाशों की फाइलें खोलकर उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खोजी अभियानों में राज्य स्तर पर पहचान
ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन तलाश के तहत गुमशुदा महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की सफल दस्तयाबी कर बिलासपुर पुलिस ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
कुल मिलाकर वर्ष 2025 में बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह की सख्ती संवेदनशीलता और जागरूकता के संतुलन के साथ कार्य करते हुए आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया है। पुलिस के इन प्रयासों से न केवल अपराधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
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