बिलासपुर। महाधिवक्ता कार्यालय के लिए सरकारी वकीलों की टीम बनाये जाने के बाद अब राज्य शासन ने पेनल अधिवक्ताओं की ओर रुख किया है। जारी आदेश में विधि विधायी कार्य विभाग ने पेनल लायर्स का दैनिक पारिश्रमिक निर्धारित कर दिया है। हाल ही में राज्य शासन ने महाधिवक्ता कार्यालय के अंतर्गत सरकारी वकीलों की सूची जारी की है, यह सभी हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य शासन का पक्ष रखेंगे । अब शासन ने अलग अलग मामलों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले पैनल अधिवक्ताओं का पारिश्रमिक तय कर दिया है। अब हर मामले के अनुसार पारिश्रमिक न देकर दैनिक रूप से मानदेय देने का निश्चय किया है ।
महाधिवक्ता कार्यालय में पैनल अधिवक्ताओं की फीस के संबंध में, पूर्व में जारी समस्त आदेश को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से प्रदेश के राज्यपाल के आदेशानुसार, उच्च न्यायालय, बिलासपुर में पैरवी हेतु नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं का पारिश्रमिक निर्धारित कर दिया गया है। अब प्रतिदिन सुनवाई हेतु पेनल लायर्स को 2500 रूपये का ही भुगतान किया जायेगा। छत्तीसगढ़ शासन के विधि और विधायी कार्य विभाग ने इस बारे में साफ किया है कि, सभी पैनल अधिवक्ताओं की सुनवाई फीस 2,500 रूपए प्रतिदिन से अधिक नहीं होगी, भले ही कोई पैनल अधिवक्ता एक दिन में एक से अधिक मामलों में उपस्थित हुए हों। इसी तरह इन अधिवक्ताओं को कम से कम एक प्रकरण में सुनवाई हेतु उपस्थित होना आवश्यक किया गया है। वित्त विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।
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