

“आईजी रेंज आईपीएस रामगोपाल गर्ग का मानना है कि नागरिकों से मिल रहे ये फीडबैक पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे”
छत्तीसगढ़।तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए शुरू किए गए अनुभव और सशक्त एप अब बिलासपुर रेंज में पुलिस कार्यप्रणाली का आईना बनते जा रहे हैं। फरवरी 2026 में रेंज के जिलों से कुल 1134 नागरिकों ने फीडबैक दर्ज कराया। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि किन जिलों में पुलिस-जनसंवाद बेहतर है और कहां अभी भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग के निर्देश पर शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस सेवाओं को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है।
रायगढ़ ने दिखाई सबसे ज्यादा सक्रियता
फीडबैक के मामले में रायगढ़ जिला पूरे रेंज में पहले स्थान पर रहा। यहां फरवरी माह में 331 फीडबैक दर्ज किए गए, जो कुल फीडबैक का लगभग 29 प्रतिशत है।
जूटमिल और कोतरारोड थानों से 44-44 फीडबैक दर्ज होना यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में एप के उपयोग को लेकर जागरूकता अधिक है। हालांकि अजाक और महिला थाना से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलना यह संकेत देता है कि कुछ इकाइयों को अभी और सक्रिय होने की जरूरत है।
मुंगेली दूसरे स्थान पर
मुंगेली जिले में 230 फीडबैक प्राप्त हुए, जो रेंज में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
पथरिया थाना से 46, सिटी कोतवाली से 33, लोरमी से 24 और साइबर सेल से 21 फीडबैक दर्ज किए गए। यह बताता है कि जिले के कई थाना क्षेत्रों में नागरिक सक्रिय रूप से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बिलासपुर का प्रदर्शन मध्यम
बिलासपुर जिले से फरवरी में 201 फीडबैक प्राप्त हुए।थाना सरकंडा से 64 फीडबैक सबसे अधिक रहे, जबकि सिविल लाइन से 20 फीडबैक दर्ज हुए। हालांकि जिले के कई थाना और इकाइयों से कोई फीडबैक नहीं आना यह दर्शाता है कि यहां एप के उपयोग को और बढ़ाने की आवश्यकता है।
सक्ती और जांजगीर का प्रदर्शन औसत
सक्ती जिले में 127 फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें मालखरौदा थाना से 38, जैजैपुर से 20 और डभरा से 19 फीडबैक दर्ज हुए।
वहीं जांजगीर जिले से 100 फीडबैक प्राप्त हुए। सारागांव थाना से 20 और जांजगीर थाना से 11 फीडबैक दर्ज हुए।
कोरबा, सारंगढ़ और जीपीएम में कम भागीदारी
कोरबा जिले से 55 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें उरगा थाना से 12 फीडबैक दर्ज हुए।
इसी तरह सारंगढ़ जिले में 51 फीडबैक और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में केवल 39 फीडबैक प्राप्त हुए। इन जिलों में एप के उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत मानी जा रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े
इन आंकड़ों से साफ है कि रेंज में रायगढ़, मुंगेली और बिलासपुर जैसे जिलों में पुलिस-जनसंवाद अपेक्षाकृत बेहतर है। वहीं कुछ जिलों और थानों में फीडबैक की कमी यह संकेत देती है कि वहां एप के उपयोग को लेकर जागरूकता और बढ़ाने की जरूरत है।आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग का मानना है कि नागरिकों से मिल रहे ये फीडबैक पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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