बिलासपुर, 29 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित शी सर्व्स (She Serves) कार्यशाला में छात्राओं को डिफेंस एवं प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर मुख्य अतिथि रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्रीमती राहटकर ने कहा कि बेटियां दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ रक्षा सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 22 दिसंबर 2025 को रांची से हुई थी और देशभर में कार्यशालाओं के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई प्रतिभाशाली बेटियां पीछे रह जाती हैं, जबकि उनमें देश सेवा का जज्बा और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात महिला सैनिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की सुरक्षा में योगदान दे रही हैं। साथ ही, उन्होंने फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी का उदाहरण देते हुए छात्राओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी छात्राओं को डिफेंस और प्रशासनिक सेवाओं में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में हर क्षेत्र में बेटियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं और डिफेंस व प्रशासनिक सेवाएं केवल करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को मानसिक दृढ़ता, नियमित अध्ययन और शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह दी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज समय बदल चुका है और हर क्षेत्र में बेटियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। डिफेंस, पुलिस एवं प्रशासनिक सेवाएं केवल करियर नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत बनने, लक्ष्य स्पष्ट रखने, नियमित अध्ययन करने और शारीरिक रूप से फिट रहने की सलाह दी। यदि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानकर निरंतर प्रयास करें, तो वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि नारी शक्ति सृजन और नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से भटकाव से दूर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शारीरिक प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में एडिशनल एसपी रश्मित कौर चावला तथा सीआरपीएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सुश्री कलावती ठाकुर ने रक्षा सेवाओं में चयन प्रक्रिया, आवश्यक योग्यताओं और तैयारी के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य 16 से 23 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को मार्गदर्शन देकर उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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