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August 13, 2026 10:28 pm

फिंगरप्रिंट से डिजिटल साक्ष्य तक, दुर्ग पुलिस को दिया वैज्ञानिक विवेचना का प्रशिक्षण

CBN 36 दुर्ग। नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दुर्ग पुलिस ने वैज्ञानिक विवेचना और डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित दधीचि भवन में विवेचकों और MOB आरक्षकों को फिंगरप्रिंट, चांस प्रिंट और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन का प्रशिक्षण दिया गया। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 भिलाई में पुलिस, FSL, अभियोजन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ अंतरविभागीय समन्वय बैठक हुई।

घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की समझी तकनीक

दधीचि भवन में आयोजित प्रशिक्षण में उप पुलिस अधीक्षक एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट रायपुर श्री अजय साहू ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट साइंस की जानकारी दी। उन्होंने फिंगरप्रिंट ट्रैकिंग, डेवलपिंग और चांस प्रिंट की पहचान से जुड़ी तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझाया।

घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और चांस प्रिंट की खोज, पहचान, विकास और संरक्षण के साथ फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग की जानकारी दी गई। वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और न्यायालय में प्रभावी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी बताई गई।

CRPI Act और NAFIS की जानकारी

प्रशिक्षण में Criminal Procedure (Identification) Act, 2022 के तहत फिंगरप्रिंट और अन्य पहचान संबंधी नमूने लिए जाने के वैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई। इससे संदिग्ध और अज्ञात व्यक्तियों की पहचान को तेज और वैज्ञानिक तरीके से करने पर जोर दिया गया।

E-FSL और E-Prosecution पर हुई चर्चा

पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 भिलाई में हुई बैठक में E-FSL, E-Prosecution, MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन उपलब्धता तथा E-Challan प्रक्रिया पर चर्चा की गई। FSL प्रभारी डॉ. पंकज ताम्रकार ने E-FSL से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी। DPO श्री सुनील चौरसिया ने E-Prosecution के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर देने पर जोर

बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं प्रतिनिधियों के साथ MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के समयबद्ध प्रेषण और विवेचना में उनके डिजिटल उपयोग को लेकर भी आवश्यक समन्वय किया गया।

वैज्ञानिक साक्ष्यों से मजबूत होगी विवेचना

अधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का सही तरीके से संरक्षण और उपयोग अपराधों के निराकरण में अहम भूमिका निभा सकता है। फॉरेंसिक, चिकित्सकीय और अभियोजन संबंधी दस्तावेज समय पर उपलब्ध होने से विवेचना की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा।

एसएसपी के निर्देशन में हो रहे प्रशिक्षण

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशन में दुर्ग पुलिस की ओर से नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रशिक्षण और समन्वय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा, उप पुलिस अधीक्षक एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट अजय साहू, FSL प्रभारी डॉ. पंकज ताम्रकार, DPO सुनील चौरसिया, चिकित्सकगण, स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, थाना एवं सीसीटीएनएस प्रभारी और MOB आरक्षक मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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