29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये का सीधा लाभ मिलने का अनुमान
प्रदेशभर के बिजली वितरण केंद्रों और कार्यालयों में पंजीयन शुरू
निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि व अधिभार में छूट
रायपुर, 14 मार्च 2026। कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक रूप से प्रभावित बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) शुरू की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 12 मार्च 2026 को इस योजना का शुभारंभ किया। योजना के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं को राहत दी जाएगी जो महामारी या अन्य कारणों से अपने बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाए हैं।
यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। योजना के तहत 31 मार्च 2023 की स्थिति में लंबित बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में छूट प्रदान की जाएगी।
प्रदेश में 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना के माध्यम से लगभग 758 करोड़ रुपये तक की सीधी राहत मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के दौरान लागू प्रतिबंधों और प्रोटोकॉल के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो सकी थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल प्राप्त हुए, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। इसी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के भुगतान में राहत मिलने के साथ ही पुराने बकाये का आसान तरीके से निराकरण करने का अवसर मिलेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप, सभी बिजली वितरण केंद्रों तथा संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ ले सकें।
भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।
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