बिलासपुर। रेलवे स्टेशन की पार्किंग में पुलिस की पहचान का धौंस दिखाकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है। इससे पहले आरोपी को थाने लाकर समझाइश दी गई और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की चेतावनी भी दी गई।

सीएसपी गगन कुमार (आईपीएस) ने बताया कि रेलवे स्टेशन पार्किंग में अवैध रूप से वसूली करने और इसका विरोध करने पर पुलिस में पहचान होने की धौंस दिखाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि पार्किंग कर्मचारी वाहन चालकों से तय दर से अधिक पैसे मांग रहा है और विरोध करने पर पुलिस से संबंध होने का डर दिखा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सीएसपी ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आते ही एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद तोरवा पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पार्किंग ठेकेदार का कर्मचारी है, जो लंबे समय से रेलवे स्टेशन पार्किंग में कार्यरत था। इधर, वीडियो वायरल होने के बाद पार्किंग के मैनेजर की ओर से एक वीडियो जारी कर सफाई दी गई। इसमें कहा गया कि यह व्यक्तिगत स्तर पर की गई गलती थी और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। साथ ही पार्किंग व्यवस्था को नियमों के अनुरूप संचालित करने का दावा भी किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर तोरवा पुलिस ने पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी राजकुमार यादव (59 वर्ष) को हिरासत में लिया। उसे थाने लाकर समझाइश दी गई और सार्वजनिक रूप से कान पकड़वाकर अपनी गलती स्वीकार कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस तरह की शिकायत सामने आई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया है। पुलिस का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अवैध वसूली और पुलिस की छवि का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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