Explore

Search

January 26, 2026 3:34 am

पूर्व डीईओ डा अनिल तिवारी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा, फर्जीवाड़ा के आरोपी को राज्य सरकार ने बनाया प्रभारी डीईओ


बिलासपुर। बिलासपुर जिले के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डा अनिल तिवारी ने स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। दायर याचिका में शासन के निर्देशों व मापदंडों का विभागीय अधिकारियों द्वारा अवहेलना करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता डा तिवारी ने कहा कि बीईओ रहते विजय तांडे ने भ्रष्टाचार किया है। जांच समिति ने भ्रष्टाचार की पुष्टि भी कर दी है। तत्कालीन कलेक्टर ने कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी है। पूरी जानकारी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को है। याचिका के अनुसार भ्रष्ट बीईओ को सजा देने के बजाय राज्य सरकार ने प्रभारी डीईओ के पद पर बैठाकर पुरस्कार दिया है। याचिका के अनुसार स्थानांतरण व तबादला में अधिकारियों ने नियमों का सीधेतौर पर उल्लंघन कर दिया है। वरिष्ठता क्रम में वह सीनियर हैं और वर्तमान प्रभारी डीईओ विजय तांडे उनसे जूनियर है। स्थानांतरण और पदस्थापना आदेश जारी करते समय विभागीय अधिकारियों ने मापदंड व नियमों की अवहेलना कर दी है।
मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्थानांतरण समिति के समक्ष याचिकाकर्ता को अभ्यावेदन पेश करने और याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर नियमानुसार निराकरण करने का निर्देश दिया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS