बिलासपुर। भिलाई स्थित स्मृति नगर कालोनी के उद्यान में अवैध रूप से काटे गए 50 पेड़ों के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन पेड़ों की लकड़ी की बिक्री पर रोक लगाते हुए संबंधित रेंज के डीएफओ और एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
स्मृति गृह निर्माण सहकारी संस्था, जुनवानी (भिलाई) से जुड़ा है, जहां अध्यक्ष एवं संचालक मंडल ने उद्यान में वर्षों से लगे 50 पेड़ों को बिना अनुमति कटवा दिया। इस पर स्थानीय पार्षद मुकेश अग्रवाल ने डीएफओ से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि संस्था ने लालच में आकर स्मृति नगर के अंबेडकर गार्डन (सड़क नंबर 2 और 3 के बीच) तथा शंकराचार्य गार्डन (सड़क नंबर 4 और 6 के बीच) में लगे कहुआ, जामुन, नीम और करंज के लगभग 50 हरे-भरे वृक्षों को गुपचुप तरीके से कटवा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, काटी गई लकड़ियों को किसी अन्य स्थान पर छुपाकर बेचा जा रहा था। पेड़ों की कटाई के लिए चाइनीज कटर मशीन का उपयोग किया गया। गार्डन की जमीन को भूखंड बनाकर बेचने की आशंका भी जताई है।

जब इस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब पार्षद मुकेश अग्रवाल ने अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई। तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने प्रतिवादी संस्था को अगले आदेश तक लकड़ी की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह में रखने का निर्देश दिया है।
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