रेत के अवैध परिवहन के मामले में कोर्ट का फैसला, दोनों आरोपियों पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड
CBN36 बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। विशेष अभियान के तहत खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए 66 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर कुल 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 66 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।
खैरा डगनिया में पकड़ा गया था रेत से भरा ट्रैक्टर
इसी अभियान के तहत 16 अक्टूबर 2025 को सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा डगनिया में कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने ग्राम खैरा डगनिया स्थित गौशाला के समीप ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक सीजी 10 एएच 0553 को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पकड़ा था। इसके बाद वाहन को जब्त कर सीपत थाने की अभिरक्षा में रखा गया और आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले में जलेश्वर कश्यप पिता सुखदेव कश्यप, निवासी खैरा डगनिया, थाना सीपत तथा अमर कुमार कंवट पिता संतकुमार कंवट, निवासी चोरहादेवकेरी, थाना रतनपुर के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण चलाया गया।
30 सितंबर को आया फैसला
मामले की सुनवाई के बाद 30 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, जिला बिलासपुर ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) एवं 3(5) के तहत दोनों को एक वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की संबंधित धाराओं के तहत 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
अवैध खनन करने वालों में कार्रवाई का संदेश
खनिज विभाग के अधिकारी किशोर गोलघाटे का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई का उद्देश्य खनिज संपदा के अवैध दोहन पर रोक लगाने के साथ शासन को होने वाली राजस्व क्षति को रोकना है। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ न्यायालय से सजा भी हो सकती है।
प्रधान संपादक




