पीपीपी मॉडल से राजस्व बढ़ाने की तैयारी, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश

स्मार्ट सिटी बोर्ड की 20वीं बैठक में परियोजनाओं के बेहतर उपयोग, प्रशिक्षण और दीर्घकालिक संचालन पर मंथन
CBN36 बिलासपुर, 24 सितंबर। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के साथ अब उनसे राजस्व जुटाने की भी कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार होगी, जिसमें उसके संचालन, रखरखाव, जिम्मेदार अधिकारियों और आय के संभावित स्रोतों का स्पष्ट खाका होगा। जरूरत पड़ने पर परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी संचालित किया जा सकेगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालक मंडल की 20वीं बैठक में यह निर्देश दिए गए। बैठक में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत संचालित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके दीर्घकालिक उपयोग और आर्थिक स्थायित्व को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रोजेक्ट बनाकर छोड़ने के बजाय बेहतर उपयोग पर जोर

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट सिटी के तहत विकसित सुविधाओं का अधिकतम लाभ नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना के संचालन और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप एसओपी तैयार करने और परियोजनाओं की उपयोगिता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा।
उन्होंने परियोजनाओं से राजस्व सृजन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए, ताकि उनके नियमित संचालन और रखरखाव के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध हो सकें। जहां आवश्यक हो, वहां पीपीपी मॉडल अपनाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
बैठक में स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक लोगों को जोड़ने और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के संचालन में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित करने को भी कहा।
एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण पर चर्चा
बैठक में बिलासपुर के एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपलब्ध बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (बीएससीएल) की निधि से प्रस्तावित निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान संस्थागत स्थायित्व और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। इसके अलावा जल संबंधी कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े विभिन्न विषयों की भी समीक्षा की गई।
वर्चुअल बैठक में जुड़े केंद्र और राज्य के अधिकारी
मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल शामिल हुए।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य और अधिकारी ऑनलाइन जुड़े।
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