
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 504 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 19 को गोल्ड और 16 को सिल्वर मेडल
CBN36 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल मानव समाज के हित में करना चाहिए। तकनीक का सदुपयोग जरूरी है, लेकिन इसके दुष्प्रभावों से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल शनिवार को आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025 और 2026 के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को डिग्री और पदक प्रदान किए गए। 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
कहा- एआई का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि उनके समय में चाक, पेंसिल, पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से शिक्षा प्राप्त होती थी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
कर्म पर ध्यान दें, दूसरों की सोच की चिंता न करें
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवद्गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। व्यक्ति को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे उसके बारे में क्या सोचते हैं। अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्जित ज्ञान ऐसी संपत्ति है, जिसे कोई छीन नहीं सकता। विद्यार्थियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर सही रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब बनाने की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है, ताकि उसका उपयोग मानव समाज के हित में किया जा सके। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब प्रदेश को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ने की अपील की। विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही नशे से दूर रहकर मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आरपी कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके पालक मौजूद रहे।
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