Explore

Search

July 30, 2026 3:51 pm

आईजीपी की समीक्षा बैठक, बोले- प्रोफेशनल पुलिसिंग और समयबद्ध विवेचना ही सफलता की पहचान

“नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस, मेडलीपर पोर्टल और तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश”

CBN36 रायगढ़। मुख्यमंत्री के रायगढ़ प्रवास कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद बुधवार शाम बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विवेचना की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। इस दौरान आईजीपी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए पुलिसिंग को अधिक प्रोफेशनल, तकनीक आधारित और परिणाममुखी बनाना होगा।

आईजीपी ने कहा कि भारत सरकार नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के विभिन्न मानकों पर राज्यों की नियमित समीक्षा कर रही है। ऐसे में प्रत्येक जिले को अपने प्रदर्शन और डाटा की गुणवत्ता बेहतर करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में 90 दिनों तथा अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए। सामान्य प्रकृति के अपराधों का अधिकतम आठ दिनों में निराकरण तथा जटिल मामलों में एसडीओपी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नवीन कानूनों के अनुरूप ई-साक्ष्य संकलन, ऑडियो-वीडियोग्राफी, सीसीटीएनएस में सभी आवश्यक प्रपत्रों की समय पर प्रविष्टि, डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग तथा मेडलीपर (MedLEaPR) पोर्टल के माध्यम से मेडिकल अनुरोध भेजने के निर्देश दिए गए। न्यायालयीन पेशियों में पुलिस कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने और डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

संपत्ति संबंधी अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए आईजीपी ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की टालमटोल नहीं होनी चाहिए। थाना प्रभारी प्रत्येक वैधानिक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करें। चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप’ का अधिकतम उपयोग करने, आदतन अपराधियों एवं गुंडा-बदमाशों की सतत निगरानी रखने तथा जमानत पर छूटे अपराधियों के दोबारा अपराध करने पर उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने फरार आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश होने के बाद वारंट जारी कराने की प्रक्रिया में विलंब नहीं करने, शून्य मर्ग दर्ज होने पर संबंधित थाना क्षेत्र को तत्काल सूचना देकर महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों एवं विवेचकों का समय-समय पर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आईजीपी को आश्वस्त किया कि उनके सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, डीएसपी सतीश भार्गव, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS