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July 28, 2026 9:19 pm

माँ नर्मदा श्रद्धालुओं की सेवा के लिए देवर्षि श्री नारद सेवा समिति की अनूठी पहल

भोरमदेव पैदल यात्रा में लगेगा सेवा स्टॉल, अमरकंटक में तीन दिवसीय विशाल प्रसादी भंडारा

CBN36 कबीरधाम/अमरकंटक। सावन माह में भगवान शिव एवं माँ नर्मदा के दर्शन के लिए निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से देवर्षि श्री नारद सेवा समिति द्वारा इस वर्ष विशेष सेवा अभियान चलाया जा रहा है। समिति की ओर से भोरमदेव पैदल यात्रा मार्ग पर सेवा स्टॉल लगाया जाएगा, वहीं अमरकंटक में तीन दिवसीय विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

समिति के सदस्यों ने बताया कि 3 अगस्त को सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर भोरमदेव पैदल यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष सेवा स्टॉल स्थापित किया जाएगा। इस सेवा केंद्र में पैदल यात्रा कर रहे शिवभक्तों एवं कांवड़ यात्रियों को निःशुल्क पेयजल, प्रसाद, फल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समिति का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सहयोग प्रदान करना और सेवा भावना के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को सशक्त बनाना है।

इसके पश्चात 10, 11 एवं 12 अगस्त को अमरकंटक स्थित अमलेश्वर माँ अन्नपूर्णा मंदिर के सामने लगातार तीन दिनों तक विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान माँ नर्मदा के उद्गम स्थल एवं भगवान शिव के दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन के लिए भोजन व्यवस्था, पेयजल, बैठने की समुचित सुविधा तथा स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात रहेगी।

समिति का मानना है कि सावन माह सेवा, भक्ति और समर्पण का पावन पर्व है। इसी भावना के साथ समिति प्रत्येक वर्ष विभिन्न धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संभावित अधिक संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है।

देवर्षि श्री नारद सेवा समिति से पत्रकार बंधु, सूरज मानिकपुरी, वरिष्ठ पत्रकार ऋषिकांत कुंभकार, नीरज शर्मा, रोशन बघेल, विकास सोनी एवं मुकेश अवस्थी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। समिति के सभी सदस्य सेवा कार्यों की तैयारियों में जुटे हैं तथा श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करने एवं सेवा कार्य में सहयोग देने की अपील की है।

समिति ने क्षेत्र के सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं से भी इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सावन माह में किया गया सेवा कार्य विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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