CBN 36 रायगढ़, 27 जुलाई। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय गनपती लाल भगत की हत्या के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में गनपती लाल भगत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव के गले में साड़ी बंधी थी और बाईं कलाई पर कटने के निशान थे। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने गहन विवेचना शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
पूछताछ में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत ने हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि पैतृक जमीन के अधिग्रहण के बदले मिले मुआवजे की राशि को उसका पति लगातार शराब में खर्च कर रहा था। साथ ही वह नशे की हालत में अक्सर परिवार के साथ मारपीट करता था। 23 जुलाई को हुए विवाद के बाद गुस्से में पत्नी और दो अपचारी बालकों ने साड़ी व गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई काट दी और शव को इस तरह रखा कि मामला आत्महत्या प्रतीत हो। हालांकि वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस की टीम ने इस अंधे कत्ल का सफल खुलासा किया।
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