एक करोड़ के बीमा दावे में कथित खेल, आधी रकम और मांगने का आरोप; वकील फरार, पुलिस तलाश में
रायपुर-नारायणपुर, 19 जुलाई। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले डीएसएफ आरक्षक के परिवार को मिले एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में कथित वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी और एक अधिवक्ता ने बीमा राशि दिलाने के नाम पर पहले 19 लाख रुपये वसूल लिए और बाद में बची हुई रकम में भी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगने लगे। विरोध करने पर परिवार को मुकदमे में फंसाने और लगातार मानसिक प्रताड़ना देने की धमकियां दी गईं।
मामला नारायणपुर का है, जहां सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए डीएसएफ आरक्षक धनेश्वर नुरेटी की पत्नी के खाते में भारतीय स्टेट बैंक के वेतन पैकेज के तहत एक करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा जमा हुआ था। आरोप है कि इसी राशि पर नजर गड़ाकर तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने बीमा दावा दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूल ली।
पीड़ित परिवार ने जब अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उन्हें कोर्ट-कचहरी में उलझाने, झूठे मामलों में फंसाने और लगातार दबाव बनाने की धमकियां दी गईं। आखिरकार परेशान परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 308 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है। पुलिस का कहना है कि वर्दी या पद की आड़ में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रधान संपादक


